Nifty derivative analysis: निफ्टी इंडेक्स ने मंगलवार को लगातार सातवां सकारात्मक सत्र दर्ज किया, लेकिन इंट्रा-डे ट्रेडिंग में बियर्स का दबदबा रहा, जिससे बुल्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इंडेक्स ने एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र को छुआ, जिससे हालिया तेजी के रुख में विराम लग गया। इंट्राडे चार्ट ओवरबॉट जोन में हैं, जो समय और कीमत आधारित करेक्शन का संकेत दे रहे हैं। बार-बार पुलबैक की विफलता और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली से बुल्स को फिर से पकड़ बनाने में दिक्कत हो रही है।
निफ्टी का तकनीकी विश्लेषण: डोजी कैंडल और रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक चार्ट पर, निफ्टी ने एक महत्वपूर्ण मोड़ पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है, जो लंबे समय तक तेजी के बाद शेयर बाजार सहभागियों के बीच अनिश्चितता को दर्शाता है। इसके अलावा, इंडेक्स अपने 10-दिवसीय ईएमए से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो एक Mean Reversion का संकेत देता है। यह सेटअप consolidation और हल्की मुनाफावसूली की ओर इशारा करता है, जिससे चल रहे तेजी के रुख में थोड़ी देर के लिए रुकावट आ सकती है।
निफ्टी को सपोर्ट और रेजिस्टेंस का स्तर
- सपोर्ट: 23,400–23,450 (पिछला रेजिस्टेंस अब मजबूत सपोर्ट बन गया है)
- रेजिस्टेंस: 23,780–24,000 (भारी कॉल राइटिंग के कारण मजबूत रेजिस्टेंस)
निफ्टी ने पिछला सत्र 23,668.65 (+0.04%, +10.30 अंक) पर बंद किया, जिससे ट्रेडर्स के बीच सतर्कता बढ़ गई है। हालांकि, एफपीआई द्वारा बियरिश पोजीशन के खुलने और लॉन्ग-शॉर्ट अनुपात में सुधार से संकेत मिलता है कि बाजार में अभी भी ताकत बनी हुई है।
ऑप्शन मार्केट में क्या हो रहा है?
डेरिवेटिव्स बाजार तटस्थ फेज में है, जहां कॉल और पट राइटर्स लगभग बराबर हैं, जो बाजार सहभागियों के “वेट एंड वॉच” रुख को दर्शाता है।
- 24,000 कॉल स्ट्राइक पर भारी संचय (1.29 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट्स) इसे मजबूत प्रतिरोध बना रहा है।
- 23,000 पुट स्ट्राइक पर मजबूत राइटिंग (1.31 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट्स) से तेजी के भरोसे को बल मिला है।
- पुट-कॉल अनुपात (PCR) 1.15 से घटकर 0.96 हो गया है, जो बाजार के consolidation को दिखाता है।
वॉलैटिलिटी ट्रेंड्स
इंडिया वीआईएक्स (VIX) 0.47% गिरकर 13.65 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता के कम होने का संकेत देता है। जब तक वॉलैटिलिटी 15 से नीचे रहती है, बाजार में तेजी का रुख बना रह सकता है।
Nifty derivative analysis: बाजार का आउटलुक
निफ्टी ने पिछले आपूर्ति क्षेत्र के पास मजबूत प्रतिरोध का सामना किया, जिससे मुनाफावसूली हुई। इंट्राडे चार्ट ओवरबॉट स्थितियों में हैं, जबकि दैनिक चार्ट पर डोजी कैंडल बनने से तेजी में विराम लग सकता है। हालांकि, एफपीआई द्वारा बियरिश पोजीशन खोलने और निचले स्तरों पर मजबूत समर्थन बनने से संकेत मिलता है कि गिरावट पर मांग बनी रहेगी।
जब तक निफ्टी 23,400 से ऊपर बना हुआ है, “डिप्स पर खरीदारी” (Buy on Dips) की रणनीति सबसे बेहतर रहेगी। वहीं, 23,800 के ऊपर टिके रहने से नई तेजी देखने को मिल सकती है, जो इंडेक्स को 24,000 तक ले जा सकती है।
(यह विश्लेषण सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स एनालिस्ट धूपेश धमेजा ने किया है।)
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