कम से कम 6 माह की जरूरत के लिए पर्याप्त इमरजेंसी फंड की सलाह दी जाती है।

मकान का किराया, बिजली बिल, सोसायटी में हैं तो मेंटेनेंस का खर्च भी जोड़ना चाहिए।

बच्चों की स्कूल फीस, ग्रॉसरी, दूध-सब्जी, घर की अन्य जरूरत के खर्चे जोड़ लेने चाहिए।

सभी ईएमआई, इंश्योरेंस प्रीमियम, म्यूचुअल फंड एसआईपी भी शामिल करना होगा।

कार/बाइक के पेट्रोल का खर्च, दवा चल रही है तो दवा और जांच का खर्च भी जोड़ें।