नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वृद्ध, बीमार और दिव्यांग पेंशनधारकों को बड़ी राहत दी है। अब वे पेंशनर्स जो बीमारी या शारीरिक अक्षमता के कारण बैंक नहीं आ सकते या चेक पर हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान नहीं लगा सकते, उन्हें भी आसानी से अपनी पेंशन मिल सकेगी। आरबीआई ने इसके लिए नया मास्टर सर्कुलर जारी किया है।
किन पेंशनधारकों को मिलेगा लाभ?
आरबीआई ने अपने मास्टर सर्कुलर में कहा है कि बीमार और दिव्यांग पेंशनधारक जो न बैंक तक आ सकते हैं या हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने की स्थिति में भी नहीं हैं, उन्हें बैंक दो श्रेणियों में वर्गीकृत कर सकते हैं:
- जो बीमारी के कारण बैंक नहीं आ सकते या चेक पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते।
- जो इतने बीमार या लाचार हैं कि चेक या विथड्रावल स्लिप पर अंगूठा तक नहीं लगा सकते।
क्या है नई प्रक्रिया?
- अगर पेंशनधारक अंगूठे या पैर का निशान लगा सकता है, तो बैंक के एक अधिकारी और एक गवाह द्वारा इसकी पुष्टि की जाएगी।
- अगर पेंशनधारक अंगूठा भी नहीं लगा सकता, तो चेक/फॉर्म पर एक मार्क (निशान) काफी होगा, जिसे बैंक अधिकारी और गवाह सत्यापित करेंगे।
आरबीआई ने अपने मास्टर सर्कुलर में कहा है कि पेंशनधारक से यह भी कहा जा सकता है कि वह बैंक को यह बताए कि उपरोक्त तरीके से प्राप्त चेक/निकासी फॉर्म के आधार पर पेंशन राशि निकालने वाला व्यक्ति कौन होगा। इस व्यक्ति की पहचान भी दो स्वतंत्र गवाहों द्वारा की जानी चाहिए। जो व्यक्ति वास्तव में बैंक से पैसा निकालेगा, उसे बैंक में अपने हस्ताक्षर प्रदान करने को कहा जाना चाहिए।
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पेंशन को लेकर बैंकों को RBI का निर्देश
RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे इन नियमों को अपने नोटिस बोर्ड पर लगाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा पेंशनधारकों को इसकी जानकारी मिल सके। अपने स्टाफ को इस संबंध में प्रशिक्षित करें।
क्यों है महत्वपूर्ण है पेंशन पर यह फैसला?
भारत में लाखों वृद्ध और दिव्यांग पेंशनधारक हैं, जिन्हें हर महीने बैंक आने में दिक्कत होती है। यह कदम उनकी परेशानी को कम करते हुए डिजिटल इंडिया और सुगम्य भारत के विजन को आगे बढ़ाएगा।
ज्यादा जानकारी के लिए RBI द्वारा जारी FAQ देखें।
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