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वोडाफोन आइडिया 36,950 करोड़ के सरकारी बकाया के बदले देगी इक्विटी, केंद्र की हिस्सेदारी बढ़कर होगी 49 फीसदी

यह हस्तांतरण सेबी और अन्य संबंधित प्राधिकारियों की मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।

मुंबई। लंबे समय से नुकसान में चल रही देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) ने रविवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि भारत सरकार ने कंपनी पर बकाया स्पेक्ट्रम ऑक्शन और मोराटोरियम के बाद देय राशि को इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी दे दी है। यह कदम सितंबर 2021 में घोषित टेलीकॉम सेक्टर के सुधार और सहायता पैकेज के तहत उठाया गया है।

कंपनी ने देश के शेयर बाजार एनएसई और बीएसई को लेटर भेज कर बताया कि सरकार ने 36,950 करोड़ रुपये के बकाया दायित्व को इक्विटी शेयरों में बदलने का आदेश 29 मार्च को जारी किया है। इसके तहत, कंपनी को 3,695 करोड़ इक्विटी शेयर (10 रुपये फेस वैल्यू के) जारी करने होंगे, जिसकी कीमत 10 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। यह हस्तांतरण सेबी और अन्य संबंधित प्राधिकारियों की मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।

वोडाफोन आइडिया पर क्या होगा इसका असर?

इस हस्तांतरण के बाद वोडाफोन आइडिया में सरकार की हिस्सेदारी मौजूदा 22.60% से बढ़कर लगभग 48.99% हो जाएगी। हालांकि, कंपनी का प्रबंधनीय नियंत्रण प्रमोटरों के पास ही रहेगा, जिसमें आदित्य बिड़ला ग्रुप और यूके की वोडाफोन पीएलसी शामिल हैं। 

बता दें, वोडाफोन आइडिया पर लंबे समय से भारी कर्ज का बोझ रहा है, जिसमें स्पेक्ट्रम ऑक्शन से जुड़े दायित्व भी शामिल हैं। सरकार ने सितंबर 2021 में टेलीकॉम कंपनियों को राहत देने के लिए एक पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें मोराटोरियम और दायित्वों के रूपांतरण जैसे उपाय शामिल थे। इसी के तहत अब यह कदम उठाया गया है। 

कंपनी ने बताया कि वह सभी आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कदम उठाएगी। यह घोषणा सेबी के लिस्टिंग नियमों (रेगुलेशन 30) के तहत की गई है।

वोडाफोन आइडिया के शेयरधारकों पर असर

इस हस्तांतरण से कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उसके दायित्व कम होंगे। लेकिन, मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में कमी आएगी, क्योंकि कंपनी बकाया चुकाने के लिए नए शेयर जारी करेगी। 

यह निर्णय वोडाफोन आइडिया के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो टेलीकॉम सेक्टर में बने रहने के लिए पिछले आठ साल से संघर्ष कर रही है। 

अस्वीकरण: इस खबर के अनुवाद में एआई टूल की सहायता ली गई है।

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