सुकन्या समृद्धि योजना, एसआईपी या बीमा कंपनियों के चाइल्ड प्लान; क्या है आपके बच्चे के लिए सबसे बेहतर निवेश, आइए जानें

बच्चों के लिए निवेश करना है तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), म्यूचुअल फंड एसआईपी और जीवन बीमा कंपनियों के चाइल्ड प्लान रूप में हमारे पास तीन अच्छे विकल्प होते हैं। आइए इन विकल्पों के बारे में जानते हैं और यह भी जानते हैं कि किसमें निवेश (Best Investment for Child) करना बेहतर रहेगा।

नया-नया कमाना शुरू किया है तो ऐसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग, पैसों की कभी कमी नहीं होगी

फाइनेंशियल प्लानिंग के एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कमाना शुरू करने के एक साल के भीतर ही फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial planning for beginners) शुरू कर देना चाहिए। इससे आगे अगर कोई परेशानी आती है तो आप उसका आसानी से मुकाबला कर पाते हैं, वहीं सब कुछ सही रहता है तो आपके पास कुछ वर्षों के बाद अच्छी खासी दौलत इकट्ठी हो चुकी होती है।

Financial Planning: बस इतना सा काम कर लें, जवान होने से पहले करोड़पति होगा बच्चा

एक बच्चे को जन्म से लेकर वयस्क होने तक कदम-कदम पर वित्तीय सहायता की जरूरत पड़ती है। जिसे पूरा करने की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। इसलिए बिना उधार लिए या अपने रिटायरमेंट के लिए बचाए गए पैसों का उपयोग किए बिना, बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए Financial Planning फाइनेंशियल प्लानिंग करना जरूरी है।

म्यूचुअल फंड रिडीम कराने जा रहे हैं तो जरूर ध्यान रखें यह 5 बातें

म्‍यूचुअल फंड हमेशा लॉन्ग टर्म के लिए निवेश का साधन माना जाता है। कंपाउंडिंग रिटर्न का लाभ लेने के लिए आप इसमें जितने ज्यादा...

क्या हैं म्यूचुअल फंड के रेगुलर और डायरेक्ट प्लान! आइए जानें

म्यूचुअल फंड प्लान दो तरह के होते हैं, रेगुलर और डायरेक्ट प्लान। अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो इन दोनों...

Mutual fund SIP के जरिए निवेश कब नहीं होता फायदे का सौदा, जानें

म्यूचुअल फंड में निवेश करना हो तो आमतौर पर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Mutual fund SIP) को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। जो निवेशक...

भूल कर भी नहीं लेना चाहिए पारंपरिक जीवन बीमा पॉलिसी, जानिए क्यों

निवेश और जीवन बीमा दोनों का अलग उद्देश्य होता है। निवेश पूंजी पर अच्छा रिटर्न हासिल करने के लिए किया जाता है। जबकि जीवन बीमा का उद्देश्य असामियक मौत पर परिवार को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना होता है। परंपरागत बीमा उत्पाद एक भी उद्देश्य को सही से पूरा नहीं करते।  

वो पांच कारण, जो इंडेक्स फंड को बनाते हैं निवेश का बेहतर विकल्प, क्या आपने इनमें पैसा लगाया है

निवेशकों की इंडेक्स फंड में रुचि बढ़ने लगी है। इंडेक्स फंड्स में फंड मैनेजर किसी बेंचमार्क इंडेक्स की नकल करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई हाउस सेंसेक्स इंडेक्स फंड लॉन्च करता है, तो उसके पोर्टफोलियो में वही 30 स्टॉक्स होंगे जो सेंसेक्स का हिस्सा हैं। शेयरों का वेटेज भी उसी अनुपात में होगा।

क्या होते हैं हाइ​ब्रिड फंड, आसान शब्दों में जानें इस खास म्यूचुअल फंड के बारे में सब कुछ 

निवेश के मामले में आप सिर्फ एक एसेट पर निर्भर नहीं हो सकते। आपको इक्विटी, डेट, गोल्ड सब में संतुलित निवेश करना होता है। हाइब्रिड फंड यही काम करते हैं। हाइब्रिड फंड एक प्रकार का म्यूचुअल फंड है, जो एक ही फंड के भीतर अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करता है। फिलहाल देश में हाइब्रिड फंड की छह कैटेगरी हैं। आइए इन छह कैटेगरी के बारे में विस्तार से समझते हैं।

गाड़ी कम चलाते हैं? इस ऐड-ऑन के जरिए बीमा प्रीमियम में बचा सकते हैं काफी पैसे

आज शायद ही ऐसा घर हो जहां वाहन नहीं हो। आपको हर साल इन वाहनों का बीमा लेना पड़ता होगा, जो कि काननून जरूरी है। अगर आप अपने वाहन को रोजाना चलाते हैं तब तो यह खर्च उचित लगता है, परंतु अगर आप गाड़ी कम चलाते हैं तो प्रीमियम का खर्च आपको जरूर भारी लगता होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाड़ी कम चलाने पर आपके वाहन बीमा का प्रीमियम भी कम हो सकता है?

वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने का रास्ता दिखाती है ‘डिजाइन योर डेस्टिनी’

पर्सनल फाइनेंस को लेकर हाल के दिनों में कई पुस्तकें लिखी गई हैं। हालांकि ज्यादातर पुस्तकें वित्तीय उत्पादों पर केंद्रित रही हैं। लेकिन अनिरुद्ध गुप्ता की किताब 'डिज़ाइन योर डेस्टिनी' इस भीड़ में अगल दिखाई देती है। वजह, अनिरुद्ध ने अपनी पुस्तक में प्रोडक्ट पर नहीं, बल्कि आम लोगों की जरूरतों पर फोकस किया है।

म्‍यूचुअल फंड SIP को लेकर आपके मन में भी होंगे ये सवाल, जानिए सबके जवाब

म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए हर महीने 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आ रहा है। संभवत: आप भी एसआईपी कर रहे होंगे या योजना बना रहे होंगे। ऐसे में अगर आपके मन में कुछ सवाल हैं तो ये लेख आपके लिए है।

वो 6 गलतियां, जिनके चलते रिजेक्ट हो सकता है आपके हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम

कई बार हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। कुछ मामलों में बीमा कंपनियाें की बदमाशी होती है, लेकिन, ज्यादातर मामलों में पॉलिसी होल्डर की ओर से की गई मामूली गलतियां इस रिजेक्शन का कारण होती हैं। हम आपको ऐसी ही छह गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे आप बचे रहेंगे तो आपका क्लेम कभी रिजेक्ट नहीं होगा।
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